जानियें चिकनगुनिया के लक्षण, इलाज और बचाव

चिकनगुनिया से बचने के उपायें

लेखिका- डॉ.धृती वत्स

पिछले कुछ सालों में डेंगू और चिकनगुनिया का देहशत बहुत बढ़ गया हैं। दोनों ही बिमारियों के एक जैसे लक्षण होने की वजह से अक्सर बीमारी की सही पेहचान करना मुश्किल हो जाता हैं। बुखार और कमज़ोरी सबसे आम लक्षण हैं। हम ज़्यादातर बुखार को मामूली सर्दी का लक्षण समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यहीं वजह हैं कि यह बीमारी अक्सर गंभीर रूप ले लेती हैं। 

बारिश के मौसम में सिर्फ डेंगू ही नहीं बल्कि चिकनगुनिया भी आम हो गया हैं। हर साल चिकनगुनिया से पीड़ित लोगों की संख्या में बढ़त देखने को मिलती हैं। यह एक बहुत चिंता का विषय हैं और सही रोकथाम के लिए सावधानी बरतना समय की ज़रूरत बन गयी हैं। चिकनगुनिया  के रोकथाम के लिए बहुत आवश्यक हैं की हम इस बीमारी के बारें में सही जानकारी रखेंसही जानकारी हमें सही सावधानी और बीमारी के रोकथाम में मदद करेगा।

आइयें हम चिकनगुनिया के बारें सारी ज़रूरी बातें जाने और चिकनगुनिया के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार रहे। 

चिकनगुनिया क्या हैं?

चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी हैं जो मच्छर के काटने से फैलती हैं। एडीज मच्छर के काटने से चिकनगुनिया का वायरस इंसान को बीमार कर देता हैं। चिकनगुनिया के लक्षण डेंगू से बहुत मिलते जुलते हैं। इसलिए इन दोनों बिमारियों में पहचान करना अक्सर मुश्किल हो जाता हैं। पिछले कुछ सालों में चिकनगुनिया के केसेस बहुत बढ़ गए हैं। चिकनगुनिया के लिए कोई भी वैक्सीन या इलाज अभी नहीं हैं इसलिए ज़रूरी हैं सही सावधानी रखना। वैसे तो चिकनगुनिया जानलेवा नहीं होती हैं पर पीड़ित इंसान तेज़ भुखार, बहुत दर्द और कमजोरी से गुजरता हैं। यह बीमारी सेहत पर लम्बे समय तक असर दाल सकती हैं। 

चिकनगुनिया के लक्षण

चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर से संक्रमित मच्छर के काटने के 2-12 दिनों के भीतर दिखतें है चिकनगुनिया का मच्छर ज़्यादातर दिन के दौरान काटता हैं। यह मच्छर जमा हुए साफ़ पानी में प्रजनन करते हैं और चिकनगुनिया का खतरनाक वायरस फैलाने का कार्य करता हैं चिकनगुनिया के लक्षण नीचे दिए गए हैं :

  • तेज़ बुखार होना शरीर संक्रामण से लड़ने के प्रयास में अपना तापमान बढ़ाता है यहीं वजह हैं चिकनगुनिया में तेज़ बुखार होने का
  • पैर, हाथ और कलाई में हल्के सूजन के साथ गंभीर दर्द होना
  • गंभीर पीठ दर्द
  • सिरदर्द
  • थकान के साथ मांसपेशी में दर्द
  • त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते का होना जो आमतौर से 48 घंटों में दिखाई पड़ते है।
  • गले में खरास होना।
  • आंखों में दर्द और कंजेक्टिवाइटिस होना।
  • कई महीनों और वर्षों तक शरीर में दर्द रह सकता हैं।

चिकनगुनिया वायरस की जांच और सही पहचान करने के लिए टेस्ट होते हैं। इन जांचों का परिणाम 2-3 दिनों के भीतर पता चल जाता हैं।

चिकनगुनिया और उससे जुडी बातें

चिकनगुनिया का इलाज

चिकनगुनिया का कोई इलाज अभी नहीं उपलब्ध हैं इसलिए इस वायरस से लड़ने के लिए सही ख्याल और डॉक्टर की सलाह ज़रूरी हैं। चिकनगुनिया से लड़ने के लिए ज़रूरी हैं कुछ बातों का ख्याल रखना:

  • मरीज़ को डिहाइड्रेशन से बचायें। दिनभर पानी, जूस पिलाते रहना आवश्यक हैं।
  • समय पर दवाईयां लेना।
  • चिकनगुनिया में बहुत कमज़ोरी भी हो जाती हैं इसलिए ज़रूरी तत्वों से भरपूर भोजन करें।
  • भुखार को नज़रअंदाज़ न करें और डॉक्टर को समय पर दिखाएं।
  • अच्छे से आराम करना शरीर को सेहतमंद बनाने में मदद करता हैं ।
  • बीमरी अगर गमभीर रूप लें तो डॉक्टर के कहने पर अस्पताल में भरती हो जाएं।

 

चिकनगुनिया से लड़ने के लिए कुछ घरेलु उपायें 

दादी के पास हर चीज़ के नुस्खें होते हैं। चिकनगुनिया के लिए भी लाभकारी घरेलु उपायें उपलब्ध हैं। इन नुस्खों के सहायता से आप चिकनगुनिया से घर पर लड़ सकते हैं। यह घरेलु उपायें चिकनगुनिया के लक्षणों में राहत पहुंचाने में कारगर हैं। ऐसे ही कुछ नुस्खें निचे दिए गए हैं:

  • अदरक की चाय और ग्रीन टी काफी लाभदायक होती हैं।
  • बर्फ का पैक सूजन और दर्द में आराम पहुंचाता हैं।
  • गिलोय का जूस भुखार से लड़ने में मदद करता हैं।
  • पपीते का जूस ब्लड प्लेटलेट बढ़ने में लाभकारी सिद्ध हुआ हैं।
  • तुलसी के पत्ते चाय या पानी में उबाल कर पीएं। तुलसी इम्युनिटी बढ़ने और भूकर को काम करने में मदद करती हैं।
  • नारियल का पानी डीटोक्सीफाई करने और हाइड्रेटेड रहने के लिए बहुत अच्छा उपायें हैं।

 

चिकनगुनिया से बचाव

बीमारी से बचाव करना समझदारी हैं। चिकनगुनिया मच्छर के काटने से होती हैं। इसलिए आवश्यक हैं कुछ ऐसे उपायें अपनाना जो इस बीमारी को फैलने से रोके। ऐसे ही कुछ उपायें नीचे दिए गए हैं:

  • चिकनगुनिया का मच्छर जमा हुए पानी में पनपता हैं। इसलिए यह आवश्यक हैं कि पानी को एक जगह जमा न होने दे।
  • कूलर के पानी को सप्ताह में कम से कम एक बार बदलें।
  • गमले, बर्तन और घर के चारों तरफ पानी जमा न होने दे।
  • मच्छरों को मारने वाले स्प्रे का प्रयोग करें।
  • युकलिप्टुस के तेल का मच्छरों के रोकथाम के लिए इस्तमाल करें।
  • बाहर निकलते समय स्वयं और बच्चों को पुरे शरीर ढकने वाले कपड़ें पहनाएं।
  • खिड़की और दरवाज़ों में जाली लगवाएं।
  • सफाई बनाएं रखे।

 

बुखार होने पर डॉक्टर से मिले और सही जांच करवाएं। सही जानकारी से लेश होकर हम चिकनगुनिया जैसे खतरनाक बिमारियों से लड़ सकते हैं और उसके सही रोकथाम के लिए कार्य कर सकते हैं।  इस बारिश के मौसम में खुद और अपने चाहने वालों की रक्षा करें।

 

चिकनगुनिया से करें अपना बचाव
 

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