डेंगू : लक्षण, इलाज और बचाव

जानिए डेंगू से बचाव के तरीकें

लेखिका- डॉ. स्नेहल सिंह 

पिछले कुछ सालों में डेंगू का आतंक बहुत बढ़ गया हैं। डेंगू ने हमारे देश में व्यापक रूप ले लिया हैं और डेंगू से पीड़ित लोग हर घर की कहानी बन गये हैं। न्यूज़, अख़बार हर जगह डेंगू की डरावनी कहानी देखने को मिलती हैं। डेंगू किसी पर रहम नहीं करता हैं और सभी को अपना शिकार बनाता हैं।

बारिश का मौसम ना ज़्यादा गरम ना ही ज़्यादा ठंडा होता हैं। यहीं वजह हैं की मच्छर इस समय आराम से प्रजनन करते हैं। एक जगह पानी का जमा होना मच्छरों के प्रजनन के लिए उपयुक्त होता हैं। इसलिए ज़रूरी हैं अपना और अपने चाहने वालों का सही तरीके से ख्याल रखना। अक्सर डेंगू के लक्षण पहचानने में देर हो जाती हैं। जिसके वजह से सही इलाज में भी देरी हो जाती हैं। ज़रूरी हैं किसी भी तरह के बुखार को नज़रअंदाज़ न करें और डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। डेंगू के रोकथाम के लिए आवश्यक हैं कि डेंगू के बारें में जागरूकता फैलाना। डेंगू के बारें में सभी ज़रूरी जानकारी नीचे दी गयी हैं। इस साल सही तैयारी के साथ डेंगू का सफल रोकथाम में हाथ बटायें।

डेंगू क्या हैं ?

डेंगू एक संक्रामक बीमारी हैं जो मच्छर के काटने से फैलती हैं। एडीज नामक मादा मच्छर डेंगू वायरस के वाहक का कार्य करती हैं। डेंगू वायरस के चार प्रकार होते हैं और डेंगू इनमें से किसी भी वायरस की वजह से हो सकती हैं। एक बार डेंगू के एक वायरस से पीड़ित होने के बाद वो इंसान उस वायरस के लिए इम्युनिटी बना लेता हैं। पर बाकि के तीन वायरस से डेंगू बीमारी कभी भी हो सकती हैं। डेंगू का वायरस शरीर में घुसने के बाद अपना असर दिखाना  शुरू कर देता हैं।  

डेंगू के मच्छर के पहचान के लिए कुछ बातें ध्यान में रखें:

  • डेंगू फैलाने वाली मादा मच्छर दिन में ज़्यादा सक्रिय होती हैं।
  • यह मच्छर घुटने और कोहनी के नीचे कटती हैं।
  • इन मछरों के शरीर पर धारियां होती हैं।
  • मच्छर जमें हुए पानी में प्रजनन करती हैं।
  • मादा मच्छर शांत और साफ़ पानी में प्रजनन करती हैं।

डेंगू के बारें में ज़रूरी बातें

डेंगू के लक्षण

डेंगू का सबसे आम लक्षण बुखार होता हैं। बुखार अक्सर और कारणों से भी होता हैं इसलिए डेंगू ज़्यादातर नज़रअंदाज़ हो जाता हैं। डेंगू का बुखार मच्छर के काटने के 4-7 दिन के बाद अपना असर दिखाता हैं। डेंगू के आम लक्षण हैं:

  • बुखर
  • सर दर्द
  • जोड़ों में दर्द
  • उलटी
  • चक्कर
  • त्वचा पर लाल दाग होना
  • जी घबराना
  • कमज़ोरी

इन लक्षणों  के होने पर डॉक्टर से मिले और जांच करवायें। समय पर ध्यान न देने से डेंगू गंभीर रूप ले लेता हैं। डेंगू हेमोरेजिक फीवर बहुत गंभीर और जानलेवा भी हो सकता हैं। इसके लक्षण हैं :

  • जबड़ों से खून बहना
  • शरीर पर लाल रंग के दाने
  • उलटी में खून निकलना
  • लो ब्लड प्रेशर
  • दिल की धड़कनों का अनियमित रूप से बढ़ना

समय पर इलाज कराना और डॉक्टर की सलाह लेना बहुत ज़रूरी हैं। थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पर सकती हैं।

डेंगू का इलाज

डेंगू का सही समय पर जांच होना अत्यंत आवश्यक हैं। डेंगू बुखार को पहचाने के लिए ब्लड टेस्ट होते हैं। NS1 antigen डेंगू के वायरस को  पहचाने के लिए होता हैं। 5-6  दिन के बाद भी बुखार कम न होना खतरे की घंटी हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलें और ज़रूरी जांच करवाएं। डेंगू में ब्लड प्लेटलेट काउंट गिर जाता हैं। सही ख्याल और खाने से प्लेटलेट काउंट बढ़ता हैं और मरीज़ खतरे से बहार आ जाता हैं। ऐसे ही कुछ उपायें नीचे दिए गए हैं:

  • प्रोटीन से भरा हुआ भोजन करें, अंडा, दूध का सेवन बढ़ाएं।
  • विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन करें। वो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • नीम्बू का शरबत, नारियल का पानी शरीर के इलेक्ट्रोलाइट लेवल बनाये रखने में मदद करता हैं।
  • पपीता का सेवन करें।

 

डेंगू के रोकथाम के उपायें

इलाज से बेहतर सावधानी हैं। इस बात को जितनी भी बार दोहराई जाएं कम हैं। सही सावधानी आपको डेंगू से बचा सकती हैं। कुछ ऐसे ही तरीके नीचे दिए गए हैं:

  • पानी को जमा न होने दे। कूलर, गमलों को साफ रखें और पानी बदले।
  • सफाई रखें, गन्दगी न होने दे।
  • मच्छरों को मारने वाली दवाइयों और स्प्रे का इस्तेमाल करें।
  • बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ें पहने।
  • बच्चों को मॉस्कीटों रेपेलेंट लगाएं।
  • सोते समय मच्छरदनी का प्रयोग करें।
  • घर की खिड़की दरवाज़ों को बंद रखें।
  • कुंडे को जमा न होने दे।
  • डेंगू के बारें में जागरूकता फैलाएं।

इस साल डेंगू से लड़ने की पूरी तैयारी करें। बुखार होने पर सही ध्यान दे और डॉक्टर से समय पर संपर्क करें। डेंगू के बारें में और लोगों को भी बताएं। हम सभी मिलकर डेंगू को हराने का प्रण लेते हैं। सही जानकारी और तैयारी के साथ यह संभव हैं।  

 

करें डेंगू से बचाव

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