कैंसर के प्रकार और कारण

Cancer - H

लेखक – डॉ दीपक पाराशर

कैंसर क्या है?

कैंसर शब्द का उपयोग उन रोगों के लिए किया जाता है जो सेलुलर खराबी के कारण होते है। यह शरीर के भीतर सामान्य कोशिका उत्पादन के समूह में परिवर्तन का परिणाम होता है। कोशिकाओं के अनियंत्रित विकास के कारन गांठ का निर्माण होता है जिसे टूमओर कहते है। 

स्वस्थ कोशिकाएं इस तरह क्रमादेशित होती है कि वे शरीर को सवस्थ बनाए रखने के लिए काम करती है। लेकिन कैंसर कोशिकाओं में ऐसा कोई कार्य निर्माण नहीं होता है और इसलिए वे अनियंत्रित रूप से बढ़ते हैं। वे कोई शारीरिक कार्य नहीं करते हैं। इसलिए उन्हें नियोप्लाज्म कहा जाता है।

यदि इस स्थिति को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो ट्यूमर अन्य स्वस्थ ऊतकों में फैलने की क्षमता रखते हैं। लिम्फैटिक सिस्टम और ब्लड स्ट्रीम इस तरह के प्रसारण की विधा है।

 

Types of cancer - Healthians

 

ट्यूमर के तीन समूह

सौम्य – सौम्य ट्यूमर गैर-कैंसर ट्यूमर हैं और केवल एक ही स्थान पर बढ़ते हैं। वे धीरे-धीरे एक रेशेदार खोल या कैप्सूल में विकसित होते हैं। वे शायद ही कभी जीवन के लिए खतरा होते हैं और शरीर के सामान्य स्वस्थ कोशिकाओं के समान होते हैं। वे अन्य भागों में नहीं फैल सकते हैं। लेकिन वे जोखिम भरे हो सकते हैं यदि वे मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव डालें।

घातक – घातक ट्यूमर कैंसर ट्यूमर होते है। वे तेजी से बढ़ते हैं और पड़ोसी ऊतकों और मेटास्टेस में फैलने की क्षमता रखते हैं। उन्हें मेटास्टैटिक कैंसर के रूप में भी जाना जाता है। इस तरह का ट्यूमर पूरे शरीर पर भी आक्रमण कर सकता है।

पूर्व कैंसर – पूर्व कैंसर असामान्य कोशिका उत्पादन से जुड़ी एक ऐसी स्थिति है जिसमें कैंसर में विकसित होने की संभावना होती है।

 

कैंसर का प्रकार

कैंसर का वर्गीकरण उस कोशिका के प्रकार के अनुसार किया जाता है जिससे वे विकसित होते हैं। कैंसर के पाँच मुख्य प्रकार हैं:

 

कार्सिनोमा कैंसर – यह एपिथेलियल सेल (सेल की लाइनिंग) से विकसित होता है जो अंगों की रक्षा करने में मदद करता है। इस प्रकार के भीतर कैंसर के सबसे आम रूप स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, फेफड़े के कैंसर और पेट के कैंसर हैं।

सारकोमा कैंसर – यह हड्डी और किसी भी नरम ऊतकों (वसा, मांसपेशियों, रक्त वाहिकाओं, हड्डियों और अन्य संयोजी ऊतक जो आसपास के अंगों को सहायता प्रदान करता है) का एक प्रकार का घातक ट्यूमर है। सबसे आम सार्कोमा कैंसर लियोमीसोर्कोमा, लिपोसारकोमा और ओस्टियोसारकोमा है।

लिम्फोमा कैंसर या मायलोमा कैंसर – यह प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं में शुरू होता है। यह लसीका प्रणाली का एक कैंसर है जो शरीर में कहीं भी हो सकता है। मायलोमा प्लाज्मा सेल (एक प्रकार की सफेद कोशिका) में विकसित होता है जो संक्रमण से लड़ने में मदद करने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करता है।

ल्यूकेमिया कैंसर – यह श्वेत रक्त कोशिका और अस्थि मज्जा कोशिका (रक्त कोशिकाएं बनाने वाला ऊतक) का कैंसर है। लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया और क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया ल्यूकेमिया कैंसर के सामान्य प्रकार हैं।

ब्रेन कैंसर और रीढ़ की हड्डी का कैंसर – इस प्रकार के कैंसर को सेंट्रल नर्वस सिस्टम कैंसर के रूप में भी जाना जाता है और ये सौम्य ट्यूमर के सम्मान होते हैं। लेकिन उनमें से कुछ प्रकार विकसित हो सकते हैं और अन्य अंगों में फैल सकते हैं।

 

Cancer Causes - Healthians

 

कैंसर के कारण

कैंसर कई कारकों के कारण हो सकता है। अन्य बीमारियों की तरह, अधिकांश कैंसर विभिन्न आकस्मिक कारकों के संपर्क में आने के परिणामस्वरूप होते हैं।

 

शराब – सभी प्रकार के मादक पेय कई कैंसर का कारण होते हैं। इसके सबूत अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है। शराब से बॉवेल कैंसर, स्तन कैंसर, ग्रसनी और स्वरयंत्र कैंसर, ऑसोफैगल कैंसर, लिवर कैंसर और पेट कैंसर सहित छह प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

अधिक वजन या मोटापा – अत्यधिक वजन को बॉवेल कैंसर और अग्नाशय के कैंसर सहित 12 विभिन्न प्रकार के कैंसर के विकास के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है।

आहार और पोषण – विशेषज्ञों का सुझाव है कि आहार और पोषण का सेवन, विशेष रूप से लाल मांस में उच्च आहार, प्रसंस्कृत मांस, नमकीन भोजन और फलों और सब्जियों में कमी होने से कैंसर के जोखिम पर प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से कोलोरेक्टम कैंसर, नासोफेरींजल कैंसर और पेट का कैंसर।

शारीरिक गतिविधि – नियमित शारीरिक गतिविधि न केवल शरीर की अतिरिक्त चर्बी और इसके साथ जुड़े कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करती है, बल्कि शारीरिक रूप से सक्रिय होने से उस जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है जिससे कोलन कैंसर, स्तन कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर पैदा हो रहे हैं।

तम्बाकू – तम्बाकू के धुएँ में कम से कम 80 विभिन्न कैंसर पैदा करने वाले पदार्थ होते हैं। जब धुआं अंदर जाता है, तो रसायन फेफड़ों में प्रवेश करते हैं, रक्तप्रवाह से गुजरते हैं और पूरे रक्त में मिल जाते है जिससे कैंसर होता है।

 

(इस आर्टिकल को इंग्लिश में पढ़ें )

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