क्यों फिट होना और स्वस्थ होना दो अलग बात है?

Difference between health and fitness - Healthians
लेखिका – प्रेक्षा बुट्टन 

हाल ही के दिनों में फिटनेस को ले कर बहुत अधिक चर्चा हो रही है। हर कोई फिट होने की कोशिशों में लगा हुआ है। मार्किट में भी प्रतिदिन नया जिम खुल रह है या कोईनई डाइट आ रही है। स्मार्टवॉच से लेकर आपका फ़ोन भी आपको हर समय आपकी फिटनेस के बारे में बता रहा है। लेकिन क्या फिट होने का मतलब स्वस्थ होना भी है? क्या आपको लगता है कि आप फिट हो कर स्वस्थ भी हो जाएंगे?

असल में लोग फिट होने और स्वस्थ होने को एक ही बात समझते है। लेकिन ऐसा नहीं है। आइए जानते है इसकी असलियत 

 

Health and fitness - Healthians

क्यों फिट होने का मतलब स्वस्थ होना नहीं है?

जिस व्यक्ति के मसल्स हैं, ऐब्स हैं, ज़रा भी मोटापट नहीं है, हर दिन एक्सेरसीज़ करता है और स्वस्थ भोजन खाता है उसे हर कोई स्वस्थ समझता है। लेकिन ऐसा नहीं है। हो सकता है इसी व्यक्ति को शराब और धूम्रपान की भी लत हों। ऐसी स्तिथि में तो आप ऐसे व्यक्ति को स्वस्थ नहीं कह सकते। वह सिर्फ फिट कहलाएगा। स्वस्थ होने का मतलब है शरीकी और मानसिक तौर पर सस्वस्थ होना। ऐसा व्यक्ति जिसको कोई बीमारी न हो, कोई बुरी लत न हो, जिसका खान-पान स्वस्थ हो और साथ ही जो मानसिक तौर पर भी स्वस्थ हो उसे स्वस्थ व्यक्ति कहा जाता है। फिट होना स्वस्थ होने में मदद करता है। पर स्वस्थ होने के लिए ज़रूरी नहीं की आपके ऐब्स भी हो। 

 

आपकी फिटनेस कैसे निर्धारित होती है?

ताकत या स्ट्रेंथ – स्ट्रेंथ ट्रेनिंग उन लोगो के लिए होती है जो वेट लिफ्टिंग करते है। यह आपके मांसपेशियों या मसल्स की ताकत को बड़ाता है।

सहनशक्ति या स्टैमिना –  एक रनर को या एक बॉक्सर को अधिक स्टैमिना की ज़रूरत होती है। अधिक स्टामिन उन्हें तेज़ भागने या देर तक लड़ने की हिम्मत देता है। 

लचीलापन या फेक्सिबिलिटी – फ्लेक्सिबिलिटी उनके लिए ज़रूरी है जो डांस, योग या पिलाटीज़ करते है। यह उनके जोड़ों को ज़्यादा घूमने में मदद करता है। 

संतुलन या बैलेंस – अधिक बैलेंस आपको एक मुद्रा को अधिक समय तक बनाए रखने में मदद करता है। डांसर्स, जिम्नास्ट्स या मल्लखम्ब करने वाले लोगो के लिए यह ज़रूरी है। 

कार्डिओ एनड्यूरन्स – दौड़ते समय या तैरते समय हमारे ह्रदय को अधिक ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है ताकि बिना सांस फूले हम अपनी एक्सरसाइज़ पूरी कर सकें। इसके लिए हमे स्वस्थ कार्डियो वैस्कुलर सिस्टम की ज़रूरत होती है ताकि कार्डिओ एक्सरसाइज़ से कोई परेशानी न हो। 

 

How to become healthy - Healthians

आप खुद को स्वस्थ कैसे बना सकते है?

जैसा की हमने कहा फिटनेस स्वस्थ रहने का एक हिस्सा है। खुशहाल ज़िन्दगी जीने के लिए आपको अपना अधिक ध्यान रखने की ज़रूरत है। नीचे दीं गयीं कुछ बातें आपके काम आएँगी।

स्वस्थ भोजन करें

स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ भोजन करना बहुत ज़रूरी है। जो भी आप खाते है उसे इस्तमाल करके ही आपका शरीर अपना कार्य करता है। अगर आप स्वस्थ और पौष्टिक भोजन नहीं करेंगे तो आपका शरीर भी सही से काम नहीं कर पाएगा। इसलिए अपने भोजन में हरी सब्ज़ियाँ, फल, नट्स, बीज और डेरी शामिल करें और बहार के चिप्स, बिस्किट्स, पिज़्ज़ा और बर्गर के सेवन को कम से कम करें

पूरी नींद लें

आप जानते ही होंगे कि हमें कम से कम 7 घंटे की नींद की ज़रूरत होती है। इन घंटो में शरीर दिन की सारी थकान मिटाता है और खुद को पुनर्निर्मित करता है। नींद पूरी न होने के कारण शारीरिक और मानसिक कार्यों पर असर पड़ सकता है और आपको बीमार पड़ने का भी अधिक खतरा रहता है। 

तनाव को दूर रखें

दिन-प्रतिदिन के जीवन में तनाव तो होता ही है। लेकिन अपने मानसिक स्वस्थ को बनाए रखने के लिए तनाव को नियंत्रित करना सीखना ज़रूरी है। ज़रूरत से ज़्यादा तनाव शारीरिक बिमारियों को भी न्यौता दे सकता है। 

सक्रीय जीवनशैली अपनाए

सक्रीय जीवनशैली से हमारा मतलब है कि आलसी जीवन को छोड़े। लिफ्ट को छोड़कर सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। बस से एक स्टॉप पहले उतरकर थोड़ा चलें। सारा दिन एक कुर्सी पर बैठे रहने के बजाए हर आधे घंटे में उठकर थोड़ा टहल लें। और हफ्ते में कम से कम तीन दिन व्यायाम करने का समय निकालें। 

व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें

व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने से आसानी से फैलने वाली बीमारियां जैसे की खासी, ज़ुखाम या एलर्जीज़ का खतरा कम होता है। हाथों को बार बार धोना, हर रोज़ नहाना, चादरों को नियमित रूप से बदलना और ऐसी कई आदतें कीटाणुओं को दूर रखने में मदद कर सकती है। 

स्वास्थ्य जांच करवाएँ

बीमारियां बिन बुलाए आती है। इसलिए ज़रूरी है की आप सचेत रहें और समय समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच करवाते रहे। यह स्वास्थ्य जांच आपको बिमारियों के खतरों के बारे में बताएँगी जिससे की आप समय रहते सही इलाज भी करवा पाएंगें। 

 

(इस आर्टिकल को इंग्लिश में पढ़ें)

 

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