घी के फायदे

देसी घी

लेखिका – आँचल गौर

हमें बचपन से ही हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए घी खाने की सलाह दी जाती है। घी सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही अच्छा नहीं है, बल्कि जादुई घटक भी है जो हर खाने के स्वाद को बढ़ाता है। इसे गरमा-गर्म दाल, परांठे, पुलाओ या सब्ज़ियों में डालने से उनका स्वाद बढ़ाया जा सकता है। भले ही घी की अच्छियाँ बहुत है लेकिन फिर भी इसको कई लोगों ने स्वास्थ्य के लिए बुरा माना है।

घी को लंबे समय से गलत समझा गया था लेकिन लेकिन हाल ही में खाद्य पदार्थों की जागरूकता के कारण घी ने अपने खोए हुए महत्व को वापस पा लिया है। घी के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं और इसे सीमित रूप में लेने से हमें इसके सभी पोषिक तत्त्व मिलते हैं। आइए घी से संबंधित कुछ प्रश्नों के उत्तर जाने।

 

कौन घी खा सकता है?

हर किसी के मन्न में यह सवाल ज़रूर आता है की क्या वह घी खा सकते हैं? क्या उनको घी से किसी तरह का कोई नुकसान हो सकता है? यदि घी का सेवन सीमित तौर पर किया जाये तो घी किसी के लिए भी हानिकारक नहीं है। रोज़मर्रा के सेवन के लिए घी की अनुशंसित मात्रा 10-15 ग्राम है। लेकिन किसी भी तरह की हृदय संबंधी समस्याओं या कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों को घी के अधिक सेवन से बचना चाहिए।

 

घी के फायदे

 

कौन सा घी सेहतमंद है?

घी वास्तव में दूध से बनाया जाता है। घी को मूल रूप से उस दूध के प्रकार के आधार पर विभाजित किया जा सकता है जिससे यह उत्पादित होता है। घी का ज्यादातर गाय और भैंस के दूध से उत्पन्न किया जाता है और इस तरह हमारे पास दो प्रकार के घी आ जाते है:

  • गाय का घी
  • भैंस का घी

 

गाय के दूध को दैनिक खपत के लिए ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें वसा की मात्रा कम होती है। समान कैलोरी मात्रा के साथ गाय का दूध बेहतर अवशोषण प्रदान करता है।  इसलिए यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक अनुशंसित है।

 

प्रसंस्कृत घी कितना अच्छा है?

प्रसंस्कृत घी की खरीद करते समय घी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के निशान की जांच करना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा पैक की पीठ पर सामग्री की सूची की जांच भी करें। घर पर अपना घी बनाने की कोशिश करना सबसे अच्छा है।

 

घी के पोषक तत्त्व

 

घी से किसे बचना चाहिए?

अहम सवाल यह है कि घी से बचने की कोशिश किसे करनी चाहिए। किसी को वास्तव में पूरी तरह से घी से बचने की आवश्यकता नहीं है। नियंत्रित सेवन से किसी को भी हानि नहीं होगी। एक व्यक्ति के लिए अनुशंसित कुल तेल का सेवन 15-20 ग्राम के बीच होना चाहिए, जिसमें से घी अधिकतम 10 ग्राम तक हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल की समस्या और हृदय संबंधी समस्याओं वाले लोगों को एक दिन में अधिकतम 15 ग्राम की मात्रा में घी के सेवन को नियंत्रित करना चाहिए। जो लोग बुढ़ापे या बीमारी के कारण बिस्तर पर पड़ें हुएं हैं उन्हें भी उल्लिखित सीमा का पालन करना चाहिए।

 

घी के बारे में कुछ रोचक तथ्य

कच्चे रूप में घी का सेवन उसे खाने में पकाने से बेहतर है। अपनी दाल और सब्जीयों में घी की अच्छाई जोड़ना शुरू करें। उसे चपातियों और परांठों पर फैलाएं और उसके स्वाद व पोषक तत्त्व का आनंद लें।

This post has already been read 1237 times!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *