जानिए कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर

cardiac arrest - Healthians

लेखिका – डॉ. स्नेहल सिंह

क्या आप जानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक दो अलग बीमारियां है?

लगभग 70% कार्डियक अरेस्ट के मामले भरी हुई धमनियों के कारण होते है। पिछले दशक में कार्डियक अरेस्ट के मामलों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। कार्डियक अरेस्ट का बिना किसी चेतावनी के आना इसे और भी ख़तरनाक बनता है।

कार्डियक अरेस्ट के बारे में जानकर हम खुदको इस दुर्घटना से बचा सकते है। आइए जानते है कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर में अंतर।

 

Dizziness before heart attack - Healthians

कार्डियक अरेस्ट क्या है?

कार्डियक अरेस्ट दिल की धड़कन में अचानक रूकावट के कारण होता है। ज़्यादातर मामलो में यह जानलेवा है। दिल धड़कने की लय में बदलाव के कारण हमारा दिल भली-भांति रक्त पंप नहीं कर पाता है। जैसे ही रक्त पंप होना बंद होता है, रक्त मस्तिष्क और शरीर के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंच पाता जिससे व्यक्ति को सांस के लिए संघर्ष पढ़ता है और वह मिनटों में अनुत्तरदायी बन जाता है। यह एक बहुत ही गंभीर स्थिति है और तत्काल सीपीआर रोगी को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकता है।

यह कुछ महत्वपूर्ण दिखाई देने वाले लक्षण जो कार्डियक अरेस्ट के संकेतक हैं:

  • सिर चकराना
  • साँसों की कमी
  • थकान
  • घबराहट
  • अचानक पतन

 

Heart attack - Healthians

हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय के एक हिस्से में बहने वाला रक्त अवरुद्ध हो जाता है। यह एक संचलन समस्या है और बंद धमनियों के कारण होता है या जब रक्त का थक्का अचानक धमनियों को अवरुद्ध कर देता है। यह हृदय के उस विशेष हिस्से की अपर्याप्त रक्त की आपूर्ति का कारण बनता है जो हृदय के उस हिस्से की कोशिकाओं को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। यह दिल की धड़कन बंद नहीं करता है लेकिन दिल को नुकसान पहुँचता है और कुशल कार्यप्रणाली को भी प्रभावित करता है। परिसंचरण प्रक्रिया में सुधार के लिए धमनियों में रुकावट के समय इसका पूर्णतः इलाज किया जाना चाहिए।

दिल का दौरा पढ़ने के कुछ लक्षण:

  • छाती में जकड़न
  • छाती क्षेत्र पर दबाव महसूस करना
  • बेचैनी
  • साँसों की कमी
  • सांस लेने में दिक्कत
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • जबड़े, गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द

 

बहुत सारे मामलों में दिल का दौरा अचानक, तीव्र और विद्युत परिवर्तन का कारण हो सकता है जिसके परिणामस्वरूप कार्डियक अरेस्ट होता है। कार्डिएक अरेस्ट के कई कारण होते हैं और हार्ट अटैक उनमें से एक है। हालाँकि, आपस में जुड़े होने के बावजूद दोनों ही स्थितियाँ बहुत अलग हैं।

 

Heart failure due to unhealthy heart - Healthians

हार्ट फेल्योर या कंजेस्टिव कार्डियक फेल्योर

यह ऐसी स्थिति जिसमें हृदय शरीर के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्त पंप करने में असमर्थ होता है। यह आमतौर पर कमजोर दिल की मांसपेशियों से संबंधित होता है जो बार-बार दिल के दौरे या अन्य हृदय विकारों के कारण होता है।

दिल की विफलता के जोखिम कारकों में शामिल हैं:

  • दिल की स्थिति
  • पिछला दिल का दौरा
  • कार्डियोमायोपैथी
  • मधुमेह
  • थायरॉयड समस्याएं
  • खून की कमी
  • फेफड़े के विकार

 

यह एक गंभीर स्थिति है लेकिन उचित और समय पर उपचार के साथ, व्यक्ति बच सकता है और सामान्य जीवन जी सकता है। हृदय की विफलता कार्डियक अरेस्ट से भिन्न होती है क्योंकि यह हृदय धड़कना बंद नहीं करता है लेकिन कमजोर दिल के कारण रक्त पंप की मात्रा अपर्याप्त है।

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