बढ़ते प्रदुषण से कैसे करें अपना बचाव

Air pollution

लेखिका- डॉ.पूजा चौधरी

वायु प्रदूषण हवा में विषाक्त रसायनों या यौगिकों की उपस्थिति का परिणाम है। यह रसायन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करने वाले स्तरों पर पहुंच गए हैं। ओज़ोन लेयर, जो धरती के इको सिस्टम के अस्तित्व के लिए ज़रूरी है, बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण घट रही है। ग्लोबल वार्मिंग वायुमंडल में गैसों के बढ़ते असंतुलन का सीधा परिणाम है और यह हमारी पृथ्वी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण का स्तर  बढ़ जाता है और ऐसे में हमें अपने खास ख्याल रखने की ज़रूरत है।

Causes of air pollution

स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव

घटती वायु गुणवत्ता की वजह से स्वास्थ्य चिंताएं बढ गयीं हैं। बच्चे, बूढ़े और ऐसे लोग जो अस्थमा और फेफड़ों की बिमारियों से जूझ रहे हैं अधिक खतरे में है। इस जहरीली हवा के कारण होने वाले सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं निम्नानुसार हैं:

  • आंखों में जलन 
  • लगातार खांसी
  • गले में सूखापन
  • नाक में जलन
  • त्वचा में खुजली
  • फेफड़ों की बीमारियां और अस्थमा की वृद्धि
  • असंतुलित रक्तचाप
  • दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसे तीव्र हृदय रोगों का उच्च जोखिम

 

safety from air pollution

इस लड़ाई को कैसे लड़े?

बढ़ता प्रदूषण हमारे जीवन में कई परेशानियां ला रहा है। हम सभी इन परेशानियों का हल चाहते है और जानना चाहते है की कैसे खुद को इस खतरे से बचाया जाए। हमे वायु प्रदूषण से बचने के लिए कुछ सावधानी बरतने की ज़रूरत है। जानिए ऐसे ही कुछ तरीके:

  • अधिक से अधिक घर के भीतर रहने से हम बाहर की प्रदूषित हवाओं और उसके दुष्प्रभाव से खुद को बचा सकेंगे।
  • बच्चों और बूड़ो को प्रदूषण से सबसे ज़्यादा खतरा रहता है। इसलिए उनका खास ख्याल रखने की ज़रूरत है। जब तक प्रदूषण स्तर सामान्य न हो जाये तब तक उन्हें घर के भीरत ही रखा जाएं।
  • अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियों के मरीज़ों को भी बढ़ते प्रदूषण से अधिक परेशानी हो सकती है। उन्हें भी घर पर रहने की सलहा दीं जानी चाहिए।
  • व्यायाम के लिए बहर न जाये और घर के भीतर ही व्यायाम करें।
  • सुबह और देर शाम में बहर जाने से बचें क्युकी इस वक्त प्रदूशान का स्तर सबसे ज़्यादा रहता है।
  • जितना हो सके खुद को ढक कर रखें। पूर्ण आस्तीन के कपड़े पहनना लाभदायक है।
  • हर कुछ घंटो में अपने हाथ और मुँह ज़रूर धोयें।
  • एक उत्तम प्रदूषण मुखौटा ज़रूर लें और उस्का बहर जाते वक्त उपयोग करें। अधिकांश चिकित्सा विशेषज्ञ सबसे प्रभावी के रूप में एन 59 और एन 99 प्रदूषण मुखौटा की सलाह देते हैं। यदि मुखौटा उपलब्ध नहीं है, तो मुंह को ढंकने के लिए एक साफ कपड़े का उपयोग भी किया जा सकता है।

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