क्लीन ईटिंग में इन 7 बातों का ध्यान रखें

Clean eating - Healthians

लेखिका – प्रेक्षा बुट्टन 

आप हर दिन अटकिंस या कीटो जैसी नई डाइट के बारे में सुनते है जो कुछ ही हफ्तों में वज़न कम करने का वादा करतीं है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह सच्च में काम करतीं हैं? जिन लोगो ने इन डाइट को आज़माया उन सबका अलग-अलग अनुभव रहा है। मगर ज़्यादातर यही देखा गया कि यह डाइट आपको वज़न कम करने और सेहतमंद बने रहने में मदद कर सकती हैं बशर्ते आप इनका सख्ती से पालन करें। लेकिन अगर बात इन डाइट को जीवनभर अपनाने की हो तो यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन अगर आप ऐसा विकल्प ढूंढ रहे है जिसका पालन करना थोड़ा आसान हो और आपको अपने खान-पान में ज़्यादा बदलाव भी न करना पड़े तो आप क्लीन ईटिंग को अपना सकते है। अगर आप क्लीन ईटिंग को अपनाने के कुछ तरीके जानने चाहते है तो आगे पढ़ें। 

 

क्लीन ईटिंग क्या है?

क्लीन ईटिंग में संसाधित खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखने की सलहा दी जाती है और पोषण प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करने को कहा जाता है। इस डाइट में आप बस अस्वस्थ भोजन के सेवन को बंद करेंगे। इसके  आलावा किसी भी भोजन को लेकर मनाई नहीं है। इस लिए आपके पास खाने के लिए बहुत सारे विकल्प होते है और अपने स्वादानुसार अपना भोजन तैयार कर सकते है। जब आप क्लीन ईटिंग का पालन करना शुरू करते है तो अपनी जीवन शैली को स्वस्थ बनाते है। इसलिए आप इसको स्वस्थ जीवन जीने का तरीका भी मान सकते है। 

 

अपने स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने और क्लीन ईटिंग को अपनाने के 7 तरीके यहाँ दिए गए है। 

 

Fruits and vegetables - Healthians

फलों और सब्ज़ियों का अधिक सेवन करें 

क्लीन ईटिंग अपनाने के लिए सबसे पहले आपको अपने भोजन में अधिक से अधिक फल और सब्ज़ियाँ शामिल करनी है। यह सब आपके भोजन में पोषक तत्वों की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करेंगें। इनसे आपको फाइबर, विटामिन्स और मिनिरल्स जैसी अच्छाइयाँ मिलेंगी जो आपको बिमारियों से लड़ने में मदद करेंगी। पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ अत्यधिक फायदेमंद होती है और आप इनको तरह तरह के भोजन में आसानी से शामिल सकते है। सुनिश्चित करें कि आपके आहार में तीन प्रकार की सब्ज़ियाँ हो। इस तरह आप अपने भोजन को सेहतमंद बनाए रखेंगें। 

 

शुगर के सेवन को कम करें 

जब भी स्वस्थ भोजन की बात हो तो शुगर के सेवन को कम करने या बिलकुल बंद करने को कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्यूंकि शुगर का अधिक सेवन कई बड़ी बिमारियों से जुड़ा है। आपको अपने शुगर वाले खाद्य पदार्थों के विकल ढूंढ़ने की आवश्यकता है।  उदाहरण के लिए, आप आइस क्रीम को दही से बदल सकते है। ऐसे खाद्य पदार्थों से आकर्षित न हो जिन पर “डाइट” लिखा हो क्यूंकि उनमें अधिक शुगर होती है। इस प्रकार के खाने से भी दूर रहने में ही भलाई है। 

 

ऑर्गनिक खाद्य पदार्थ खरीदें 

हम सभी जानते हैं कि किसान बेहतर उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर कीटनाशकों का उपयोग करते हैं। ये रसायन भोजन पर बने रहते है और उनका सेवन कर वह हमारे शरीर में प्रवेश करते है। लम्बे समय में वह कई बिमारियों का कारण बनते है। लेकिन अगर आप सिर्फ ऑर्गनिक भोजन खरीदेंगें तो आप इन बिमारियों से खुद को बचा सकेंगें। आप स्थानीय किसानों से संपर्क बना सकते है और सीधा उनसे भोजन खरीद सकते है। इस प्रकार आप आपके भोजन की गुणवत्ता के बारे में निश्चित रहेंगे। साथ ही आप स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान करेंगें। 

 

Refined carbs - Healthians

रिफाइंड कार्ब्स से दूर रहें 

उच्च कार्ब्स वाले खाद्य पदार्थ हमारे लिए बहुत स्वस्थ होते है। लेकिन रिफाइंड कार्ब्स में अधिकांश पोषक तत्व नहीं होते है। इसलिए वह दिल की बीमारियाँ, मोटापे और मधुमेह जैसी बिमारियों का कारण बनते है। ब्रेड, पास्ता और चावल जैसे खाद्य पदार्थ आपको नुकसान पहुंचाएंगे। तो आपको तुरंत उन्हें अपने भोजन से हटाने की आवश्यकता है। उनके बजाय आप भूरे चावल, जई या जौ को अपने भोजन में जोड़ सकते है। ये कार्ब्स पोषक तत्वों से भरे होते हैं और आपको इनसे केवल लाभ ही मिलेगा। 

 

अपने भोजन की योजना बनाएं

आजकल के भाग दौड़ से भरे जीवन में यह स्वीकार्य है की हर बार ताज़ा भोजन तैयार करना मुश्किल होता है। और इस कारण कई लोग आसानी की उपलब्ध भोजन ढूँढ़ते है जोकि स्वस्थ नहीं होता है। इसलिए समाधान के रूप में आप अपने भोजन की सप्ताहिक योजना बनाना शुरू कर सकते हैं। इस प्रकार आपको आवश्यक सामग्रियों की जानकारी रहेगी और आपके पास उनकी व्यवस्था करने का समय होगा। ऐसा करने से आप खुद को रेस्तरां में जाकर फ़ास्ट-फ़ूड खाने से रोक पाएँगे क्यूंकि आपको पता होंगे की घर में क्या भोजन उपलब्ध है। 

 

अपने पेय पदार्थों का ध्यान रखें

स्मूदी या शेक स्वस्थ लग सकते है लेकिन वह शुगर से भरे हुए होते है जोकि लम्बे समय में वज़न बढ़ने का कारण बनते है। इसी तरह वैसे तो कॉफ़ी सेहत से लिए अच्छी हो सकती है लेकिन अगर आप उसमें अलग से चीनी डालेंगें तो मीठा बढ़ाकर आप उसे भी अस्वस्थ बनाते है। इसलिए आपको अपने सभी पेय पदार्थों पर ध्यान देने की ज़रूरत है। आपके लिए सबसे सेहतमंद विकल्प पानी है। सुनिश्चित करें कि आप एक दिन में न्यूनतम 8 गिलास पानी पीते हैं। स्वाद जोड़ने के लिए, आप इसे सेब या स्ट्रॉबेरी जैसे ताजे फलों से संक्रमित कर सकते हैं। बिना चीनी की ग्रीन टी भी आपके लिए अच्छी है। 

 

लेबल की जाँच करें

जब लेबल की जांच करने को कहा जाए तो सामग्री की जाँच करें न की कैलोरी की। जब क्लीन ईटिंग का पालन किया जाए तो सुनिश्चित करें की जो खाद्य पदार्थ आप बाजार से खरीद रहे है उनमें क्या क्या सामग्री मिली हुई है। यदि उसमें शुगर की अधिक मात्रा है तो आपको उसे छोड़ने की ज़रूरत है। 

 

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