लॉकडाउन के दौरान मानसिक स्वास्थ्य का कैसे ख्याल रखें?

Mental health during lockdown - Healthians

दुनिया भर में कोरोनावायरस के कहर से सभी लोग अपने घरों में कैद हो गए है। आज़ादी का इस तरह से चले जाना आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। जो लोग पहले से ही मानसिक बीमारियों से जूझ रहे है उनके लिए यह समय काफी मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय में हम सबको एक दूसरे के सहारे की ज़रूरत है। आज हम बात करेंगें कि कैसे हम एक दूसरे की तनाव से बचने में और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते है। 

 

Positive outlook - Healthians

सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें 

सरकार ने पुरे देश में बंद घोषित किया है और इसका उल्लंघन करने वालो को सज़ा दी जा रही है। लेकिन आप यह बात न भूले की यह आपको कैद करने के लिए नहीं बल्कि आपके भले के लिए ही किया गया है। यह आपको वायरस के संपर्क में आने से बचाने के लिए ही किया गया है। इसलिए ज़रूरी है की आप सरकार की आज्ञा का पालन करें और इस लड़ाई में अपना योगदान दें। 

 

विश्वसनीय स्रोत से ही जानकारी लें 

मीडिया बड़े पैमाने पर कोरोनावायरस की खबरे दिखा रही है। इन खबरों के बीच, सोशल मीडिया पर कुछ लोग अफवाहें भी फैला रहे है। इसलिए सुनिश्चित करें की आप जो खबर पढ़े वो विश्वसनीय स्रोत से ही हो। ऐसे कुछ स्रोत हैं:

  • भारतीय साकार 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
  • Google COVID-19 मैप 

 

अपने परिवार और दोस्तों से जुड़े रहें 

अपने परिवार और दोस्तों से नियमित रूप से संपर्क बनाए रखें, खासकर उन लोगो से जो अकेले रह रहे है। सुनिश्चित करें की वह ठीक है और उन्हें कोई समस्या नहीं है। 

 

खुश रहें 

जब आप हंसते हैं तो आपके चिंता का स्तर अपने आप कम हो जाता है। तो हँसाने वाली मूवीज़ देखें और किताबें पढ़ें। हसना सिर्फ मानसिकस्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। लम्बे समय में से दुरुस्त प्रतिरक्षा प्रणाली का कारण भी बनता है। 

 

एक नया शौक शुरू करें

ऐसे कार्यो में लिप्त होना जो आपको पसंद है आपको तुरंत तनावमुक्त कर सकते है। इसलिए अपने शौक पूरे करने के लिए हमेशा समय निकले। सिर्फ यही नहीं, नई चीज़ें करना भी आज़माएँ। क्या पता आपको अपने की कुछ गुणों के बारे में न पता हो।

 

Spend time with kids - Healthians

कभी-कभी कमज़ोर महसूस करना ठीक है 

समाचार पढ़ते हुए और पीड़ित लोगों की कहानियाँ सुनते हुए असुरक्षित और कमज़ोर महसूस करना सामान्य है। अपनी भावनाओं को स्वीकार करें और दूसरों से इस बारे में चर्चा करें। साथ ही स्वस्थ खाएं और कसरत करें। इन गतिविधियों में लिप्त रह कर आप अपने दिमाग को शांत कर पाएंगें। 

 

अपने बच्चों से बात करें 

माता-पिता अपने बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। यदि आप स्पष्ट रूप से तनावग्रस्त हैं, तो वे तनावग्रस्त होंगे और यदि आप शांत है तो वे भी शांत मेहसूस करेंगे। अपने बच्चों को वायरस के बारे में बताए और उनके प्रश्नों के उत्तर उन्हें दें। ध्यान रखें की ज़रूरत से ज़्यादा इस बारे में चर्चा कर आप उन्हें डरा भी सकते है। 

 

धारणाएँ मत बनाएँ 

लोगों के खिलाफ राय न बनाए और ऐसे निष्कर्ष न निकाले कि वायरस के प्रसार के लिए वह ज़िम्मेदार है। याद रखें कि वायरस किसी को भी प्रभावित कर सकता है, चाहे उनकी राष्ट्रीयता या जातीयता कोई भी हो। केवल समुदाय की भलाई की भावना से हम वायरस से लड़ सकते हैं। 

 

जो लोग मुसीबतों से जूझ रहे है उन्हें समर्थन दें 

कोरोनोवायरस का प्रसार वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। इस कारण कई लोगों ने अपनी नौकरियाँ खो दी है। आय का कोई साधन नहीं होने से उनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यदि आप ऐसे किसी व्यक्ति के बारे में जानते हैं, तो उन्हें अपना समर्थन दें। आप सरकार को दान देकर भी अपना समर्थन दे सकते है। 

 

यदि आप एक स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता हैं

यदि आप स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता हैं और अतिरिक्त घंटे काम कर रहे हैं तो आप अतिरिक्त तनाव भी महसूस कर रहे होंगें। ऐसी स्तिथि में यह सामान्य प्रक्रिया है। पूरी दुनिया आपके प्रयासों की सराहना करती है। लेकिन अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना न भूले और पर्याप्त आराम करें, स्वस्थ भोजन करें और अपने परिवार और दोस्तों के संपर्क में रहें। यदि आप थकावट महसूस करते हैं, तो मदद मांगने में संकोच न करें।

 

कोरोनावायरस एक्सपर्ट अरीना से चैट करें और सभी शक दूर करें  
 

(इस आर्टिकल को इंग्लिश में पढ़ें)

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