लॉकडाउन खुलने के बाद हमारा जीवन कैसा होगा?

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लॉकडाउन खुलने के बाद हमारा जीवन कैसा होगा? क्या हम अपने दोस्तों को गले लगा पाएंगें या किसी को बिना मास्क पहने अपनी ओर आता देख हम उनसे दूर भाग जाएंगें? क्या हम सभी साथ में मेट्रो में सफर कर पाएंगें या एक-दुसरे को डर से भरी आखों से देखेंगें? क्या हम कभी अपने पसंद के रेस्तरां में खाना खा पाएंगे या अब सिर्फ घर पर ही खाना आर्डर करना होगा?

हम सभी के मन में इस तरह के सवाल है। लेकिन जो भी हो एक बात तो तय है: जब तक वैक्सीन नहीं तैयार हो जाती हमे कोरोनावायरस के साथ जीना सीखना पड़ेगा ठीक उसी तरह जैसे हमने डेंगू और HIV के साथ जीना सीखा है। 

वुहान, चीन का वो शहर जिसने कोरोनावायरस का आतंक सबसे पहले देखा, अब खुल गया है। चीन ने पिछले महीने वूहान में लॉकडाउन खोल दिया था। लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद वहां का जीवन अब बदल गया है। 

चीन के नागरिकों को कही भी आने-जाने से पहले अपना स्वास्थ्य कार्ड दिखाना पड़ता जिसमें कहा गया हो की वह कोरोनावायरस से मुक्त है। चाहे टैक्सी लेनी हो या रेस्तरां से खाना यह कार्ड दिखाना, शरीर का तापमान जांचना और फेस मास्क लगाना उन लोगों के जीवन का एक बड़ा हिस्सा बन गया है। 

भारत लगभाग 6 सप्ताह से लॉकडाउन में है और यह आगे बढ़ा दिया गया है। हालाँकि अलग-अलग शहरों में बीमारी की गंभीरता को देखते हुए नियमों में थोड़ा आराम दिया गया है। इसलिए भारत में लॉकडाउन के बाद जीवन कैसा होगा यह देखने के लिए अभी थोड़ा समय बाकि है। लेकिन थोड़ी तैयारी करने में कोई बुराई नहीं है। 

यह देखते हुए की नए कोरोनावायरस के मामले हर दिन आ रहे है, यह कहना गलत नहीं होगा की लॉकडाउन एक बारी में नहीं हटाया जाएगा। सभी देशो ने धीरे-धीरे लॉकडाउन को खोला है और शायद भारत में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिलेगा।

जिस दिन लॉकडाउन पूरी तरह से हटा दिया जाएगा उस दिन भी हमे कोरोनावायरस से बचे रहने के लिए सभी परहेज़ों का पालन करते रहना होगा क्योंकि जब तक वैक्सीन तैयार नहीं होती है इन्फेक्शन का खतरा बना रहेगा।  

 

Coronavirus precautions - Healthians

अगर हमने सोशल डिस्टन्सिंग का पालन नहीं किया, नियमित रूप से हाथ नहीं धोए और बहार निकलने से पहले मास्क नहीं पहना तो कोरोनावायरस के फिर से फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। सार्वजानिक स्थानों पर हर किसी के तापमान की जांच और मूवी हाल में हर दूसरी कुर्सी खाली छोड़ना जैसे नए नियम बनाए जाने चाहिए। 

लॉकडाउन ने हमे साधारण जीवन जीना सिखाया है। हम सभी ने लॉकडाउन को काफी तेज़ी से अपनाया। दोस्तों और परिवार से जुड़े रहने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग किया, घर से ऑफिस का काम किया और बच्चों ने भी ऑनलाइन पढ़ाई की। मनोरंजन भी ऑनलाइन ही मिला। 

इसलिए हम कह सकते है कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी कोरोनावायरस के बचे रहने के लिए हम इसी तरह अपना जीवन बिता सकते है। 

हमे इन नियमो को समझने की आवश्यकता है:

  • हर सार्वजनिक स्थान को डिसइंफेक्ट किया जाना चाहिए। 
  • फेस मास्क अनिवार्य किए जाने चाहिए। 
  • दरवाज़े पर हर किसी के तापमान की जांच होनी चाहिए। 
  • सोशल डिस्टन्सिंग का पालन किया जाना चाहिए खासतौर पर सीढ़ियों और कैंटीन में। 
  • किसी से हाथ नहीं मिलाया जाना चाहिए। 
  • स्कूल में एक डेस्क पर एक ही छात्र को बैठना चाहिए। 
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। 
  • हर खरीदे पैकेट को डिसइंफेक्ट किया जाना चाहिए। 
  • हर किसी के पास एक फर्स्ट-ऐड बॉक्स होना चाहिए जिसमें एक्स्ट्रा फेस मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर होना चाहिए।  

 

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 (इस आर्टिकल को इंग्लिश में पढ़ें)

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