साँस की कमी को नज़रअंदाज़ क्यों नहीं करना चाहिए?

Breathlessness emergency - Healthians

रोजमर्र्रा की भागदौड़ में अक्सर हमारी साँस फूल जाती है। सीढ़ियां चढ़ते हुए या एक्सरसाइज करते हुए सांसो का फूलना आम है। यह हमारे शरीर का हमे संकेत देने का तरीका है कि उसे अधिक ऑक्सीजन की ज़रूरत है। लेकिन बिना किसी शारीरिक गतिविधि के साँस फूल जाए तो यह चिंता की बात हो सकती है। 

साँस की कमी होने पर कैसा महसूस होता है?

साँस की कमी होने पर या साँस लेने में तकलीफ होने पर आपको ऐसा महसूस हो सकता है जैसे की हवा आपके फेफड़ो तक नहीं पहुँच पा रही है या आप जल्दी जल्दी साँस नहीं ले पा रहे है। साँस लेना और साँस छोड़ना सबसे मुश्किल काम लग सकता है। यह अनुभव हर किसी के लिए अलग होता है। 

  • गरमी लग सकती है 
  • घबराहट हो सकती है 
  • तेज़ी से साँस लेने की आवश्यकता हो सकती है 
  • घुटन महसूस हो सकती है 
  • गहरी साँस लेने की आवश्यकता हो सकती है

 

Breathlessness reasons - Healthians

साँस की कमी होने के कारण 

साँस की कमी होने के चार मुख्य कारण है – फेफड़ो की बीमारी, दिल की बीमारी, तनाव और अस्वस्थ होना। धूम्रपान करने, प्रदूषण या ख़राब पोश्चर में बैठने की वजह से भी साँस लेने में तकलीफ हो सकती है। पोश्चर 

1. फेफड़ो को बीमारी 

फेफड़ो की अलग अलग बिमारियां अलग अलग तरीके से साँस लेने में कठिनाई पैदा कर सकती है। कुछ स्तिथियों में हवा की नली सूज जाती है और वह पतली हो जाती है या फिर उनमें कफ भर जाता है जिसकी वजह से साँस लेने और छोड़ने में मुश्किल हो सकती है। अन्य बीमारियों में यह नली कठोर हो जाती है जिसकी वजह से उनमें हवा नहीं भर पाति। 

फेफड़ो की यह कुछ आम बीमारियां है जिनकी वजह से साँस की कमी हो सकती है:

  • अस्थमा 
  • फेफड़ो का कैंसर 
  • ब्रोन्किइक्टेसिस
  • फेफड़े में एक रक्त का थक्का
  • न्यूमोनिया
  • यक्ष्मा
  • फेफड़ों में तरल पदार्थ का एक निर्माण
2. दिल की बीमारियाँ 

दिल की बिमारियों से जूझ रहे लोगो में साँस लेने की तकलीफ होना आम है। ऐसा ऐसा इसलिए भी देखा जाता है क्योंकि दिल कमज़ोर हो चूका होता है और ब्लड पंप कुशलतापूर्वक नहीं कर पता है। ऐसे में साँस लेने की तकलीफ सोते समय बढ़ सकती है। 

दिल की कुछ आम बीमारियां जिनकी वजह से साँस लेने में तकलीफ हो सकती है:

  • दिल का दौरा
  • असामान्य दिल की धड़कन
  • हार्ट फेलियर 
3. तनाव 

आपने देखा होगा जब आप बेहद तनावग्रस्त और चिंतित होते हैं तब आप तेज़ी से साँस लेने लगते है। यह तनावपूर्ण स्थितियों में सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है। आप जितने चिंतित होंगे, आपकी सांस उतनी ही तेज होगी। कभी-कभी आप महसूस कर सकते हैं कि आपको पर्याप्त हवा नहीं मिल रही है, जिससे आपको घबराहट और साँस लेने में कठिनाई होगी। पसीना आना, घबराहट होना, सीने में दर्द होना और बेहोशी चेतावनी की संकेत है। 

4. अस्वस्थ होना 

यदि आप अस्वस्थ है तो आपकी मांसपेशियां उतनी मजबूत नहीं होंगी जितनी कि उन्हें आदर्श रूप में होना चाहिए। और कमजोर मांसपेशियों को ठीक से काम करने के लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। तो आपकी मांसपेशियां जितनी कमजोर होंगी आप उतनी ही सांसों की कमी महसूस करेंगे।

जो लोग अधिक वजन वाले हैं उन्हें सांस लेने के लिए अतिरिक्त मेहनत की आवश्यकता होती है। छाती के आस पास अधिक वज़न होने के कारण फेफड़ो में ज़्यादा हवा नहीं भर पाती जिसके कारण साँस की कमी हो सकती है। 

5. अन्य बीमारियाँ 

सांस फूलने के अन्य कारण हो सकते हैं:

  • धूम्रपान
  • ख़राब पोश्चर 
  • खून की कमी
  • किडनी की बीमारियाँ 
  • थाइरोइड 
  • ऊँचाई वाले क्षेत्रों में होना 
  • प्रदूषण 
  • अत्यधिक तापमान 

 

Shortness of breath causes - Healthians

डॉक्टर के पास कब जाएं?

अगर साँस की कमी होने के साथ साथ आपको यह तकलीफ भी हो रही है तो बिना देरी के डॉक्टर के पास जाएं 

  • यदि आराम करने के 30 मिनट बाद भी तकलीफ बनी रहे 
  • यदि इनहेलर के उपयोग के बाद भी आराम न आए 
  • टखनों और पैरों में सूजन
  • खाँसना
  • ठंड लगना
  • बुखार 
  • साँस छोड़ते और लेते समय आवाज़ निकलना 
  • उँगलियों और होठों का नीला पड़ना 
  • पीठ के बल लेटते समय सांस लेने में कठिनाई
  • छाती में दर्द
  • जी मिचलना
  • बेहोशी
  • हवा की नली में रूकावट 
  • पूरी तरह से साँस न ले पाना या छोड़ पाना 

 

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(इस आर्टिकल को इंग्लिश में पढ़ें)

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